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सात बरसाती नालों की नहीं हुई है सफाई, साफ हो चुके नाले भी फिर मिट्‌टी और पॉलीथिन से अटे, दो ड्रेनों का काम भी अधर में

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जिले में कभी भी मानसून का आगाज हो चुका है, लेकिन प्रशासन अभी तक ड्रेन व नालों की सफाई का कार्य भी पूरा नहीं करवा पाया। पब्लिक हेल्थ ने सभी नालों की सफाई करवा दी है, वहीं नगरपरिषद की तरफ से नालों की सफाई का कार्य अभी जारी है। शहर में चार नालों की सफाई अभी तक अधूरी है। शहर में 21 बरसाती नाले हैं और जिले में 35 ड्रेन हैं।

शहर में चार नालों की सफाई नहीं हुई हैं और जिन की सफाई हुई है उनमें से भी अधिकतर फिर से पॉलीथिन व मिट्टी से भर गए हैं। ऐसे में शहर के निचले इलाकों में बरसात के समय जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। समैण-धनाना मुख्य ड्रेन की सफाई का कार्य भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। भारी बारिश में 6 गावों में 20 हजार एकड़ कृषि भूमि में जलभराव हो सकता है।

जानिए... किन विभागों की क्या जिम्मेदारी थी और क्या काम अभी तक हुआ है पूरा और कितना काम है बाकी
1. नगरपरिषद की जिम्मेदारी : शहर में 17 बरसाती नाले नगरपरिषद के अधीन हैं। बरसात का मौसम शुरू होने से पहले नालों की सफाई की जिम्मेदारी नगरपरिषद है।
10 नाले साफ किए: नगरपरिषद ने एक महीने पहले 17 नालों की सफाई का कार्य ठेके पर दिया। अभी तक 10 नालों की सफाई पूरी हो चुकी है जबकि शेष नालों की सफाई के कार्य में ठेकेदार के कर्मचारी लगे हुए हैं।
7 नालों में कचरा: नप ने नालों की सफाई का कार्य तो शुरू करवाया लेकिन उसे पूरा नहीं करवा पाया। चिंता की बात यह है कि जिन नालों की सफाई पूरी हो चुकी है वे फिर से पॉलीथिन व गंदगी से भरना शुरू हो गए हैं।
2. पब्लिक हेल्थ की जिम्मेदारी : शहर में बरसाती पानी की निकासी की जिम्मेदारी पब्लिक हेल्थ पर है। शहर से सीवर व नालों से होते हुए बारिश के पानी को देवसर चुंगी स्थित डिस्पोजल तक पहुंचना और फिर यहां से पानी को घग्गर ड्रेन तक लेकर जाना यह सब कार्य पब्लिक हेल्थ का है।
ये जिम्मेदारी की पूरी: जलभराव वाले इलाके कन्हैयाराम अस्पताल क्षेत्र, विकास नगर, शिवनगर, बावड़ी गेट, गोशाला मार्केट में पंप सेट लगाए हैं। सीवर लाइन ब्लॉक होने की आशंका वाले मैनहोल पर मशीन लगा दी है। 7 स्थायी डिस्पोजल पंप हाउस पर जनरेटर व चार एक्सट्रा पंप सेट का प्रबंध है।
33 ड्रेन साफ करवाईं: जिले में 35 ड्रेन है। इनमें से 33 ड्रेन की सफाई का कार्य विभाग पूरा करवा चुका है।
दो ड्रेना नहीं हुई हैं साफ: डीसी के आदेशों के तहत एक जुलाई से पहले पहले ड्रेनों की सफाई कार्य पूरा होना चाहिए था। अभी दो ड्रेन का कार्य पूरा नहीं हुआ है, जिनसे गुजरानी, तालु, धनाना, जताई, मिताथल, बलियाली, जाटू लोहारी, तिगड़ाना आदि क्षेत्रों में 20 हजार से ज्यादा कृषि भूमि में जलभराव हो सकता है।
12 जगह सीवर ब्लॉक: शहर में लगभग एक दर्जन स्थानों पर सीवर जाम की समस्या है। कई जगह जब तक कर्मचारी मैनहोल में फट्टी नहीं मारते पानी आगे नहीं चलता है। भारी बारिश के कारण अगर पर्याप्त जल निकासी नहीं हुई तो पानी सड़कों पर जमा होकर शहर में जलभराव हो सकता है।
4. बिजली निगम की ये है जिम्मेदारी : बिजली निगम की जिम्मेदारी संभावित जलभराव वाले ग्रामीण क्षेत्रों में फ्लड कनेक्शन स्थापित करना है। सिंचाई विभाग की मांग के अनुसार निगम चिन्ह्ति स्थानों पर फ्लड कनेक्शन स्थापित करता है।
30 फ्लड कनेक्शन स्थापित: बिजली निगम को सिंचाई विभाग की मांग के अनुसार 56 फ्लड कनेक्शन स्थापित करने हैं। इनमें से 30 से अधिक कनेक्शन निगम स्थापित कर चुका है।
1 जुलाई तक पूरे करने था 56 फ्लड कनेक्शन: बिजली निगम को एक जुलाई से पहले पहले फ्लड कनेक्शन स्थापित करने थे लेकिन निगम अभी तक यह जिम्मेदारी पूरी नहीं कर पाया है। ऐसे में अगर ग्रामीण क्षेत्रों व कृषि भूमि में पानी जमा हुआ तो प्रशासन के लिए पानी की निकासी करवाना मुश्किल हो जाएगा।

जानिए... क्या कहते हैं जिम्मेदार
90 प्रतिशत ड्रेन की सफाई हो चुकी है। बीच में दो बार बारिश आने से कार्य रुक गया था। केवल समैण व धनाना ड्रेन का ही कुछ कार्य शेष हैं। जिससे दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा।'' -दलीप चेयरवाल, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
शहर के निचले इलाकों में डिस्पोजल पंप स्थापित किए गए हैं। विभाग के पास 90 क्यूबिक पानी प्रति सेकंड निकालने की क्षमता है। समय पर पानी की निकासी कर दी जाएगी। ''
-बलवान शर्मा, कार्यकारी अभियंता, पब्लिक हेल्थ।
निगम फ्लड कनेक्शन स्थापित कर रहा है। अधिकतर कनेक्शन हो चुके हैं। सोमवार को भी गुजरानी क्षेत्र में फ्लड कनेक्शन किए है।''-रविंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम।
ठेकेदार को नाले सफाई के लिए कर्मचारी नहीं मिले थे। बचे हुए नालों की सफाई मंगलवार से शुरू करवाई जाएगी। साफ किए नालों में पॉलीथिन व मिट्टी भर गई थीं, उन्हें भी साफ करवाएंगे '' -रणसिंह यादव, चेयरमैन, नगरपरिषद।



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Seven rainwater drains have not been cleaned, cleaned drains are also lined with soil and polythene, work of two drains also in balance


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