वीकली ऑफ परिवार के साथ बिताने को एक साथ घर जा रहे थे चारों पुलिस कर्मी संतुलन खोने से कार पुलिया से टकराई, तीन की मौत
वीकली ऑफ को अपने परिवार के साथ बिताने के लिए घर जा रहे सिरसा में तैनात तीन पुलिसकर्मी की सड़क हादसे में मौत हो गई जबकि उनके साथ कार में सवार एक होमगार्ड बुरी तरह घायल हो गया है। सभी की ड्यूटी सिरसा के सिटी थाना, जेजे कॉलोनी और पुलिस लाइन में लगी हुई थी।
मृतक तीनों जवानों की पहचान हवलदार नरेंद्र पुत्र भरत सिंह निवासी गांव डोबी हिसार, हवलदार सुभाष चंद्र पुत्र ओमप्रकाश निवासी आदमपुर, हवलदार सुभाष पुत्र भूप सिंह निवासी चूली कलां के रूप में हुई है। वहीं हाेमगार्ड का जवान नरेश पुत्र टेकचंद निवासी बालसमंद घायल है। जानकारी के मुताबिक चारों हिसार जिले के रहने वाले हैं।
पुल से कार को निकालने के लिए पुलिस टीम व ग्रामीणों ने ली जेसीबी की मदद
भट्टूमंडी के नजदीक गांव ढ़ाबीकलां व खाबड़कलां के बीच अचानक कार ने अपना संतुलन खो दिया। संतुलन बिगड़ जाने से कार सड़क किनारे बनाई गई पुलियां से टकरा गई। इस सड़क हादसे में कार पुरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर आगे से पुलियां में फंस गई। जेबीसी की सहायता से कार को बाहर निकाल कर करीब आधे घंटे के बाद कट्टर की सहायता से कार की खिड़कियों को काटकर शवों को बाहरनिकाला गया।
सप्ताहिक रेस्ट पूरा करने के लिए प्लान बनाकर एक साथ सिरसा से हिसार अपने-अपने घर जाते थे चारों पुलिस कर्मी
कोरोना काल में जब लॉकडाउन खुला तो पुलिस विभाग में वीकली ऑफ यानि साप्ताहिक अवकाश शुरू हुआ। यह अवकाश घर में परिवार संग बिताने के लिए चारों जवान एक साथ नरेंद्र की गाड़ी में घर जाया करते थे। एक ही जिले के होने के कारण वे प्लान बनाकर गार्डी का तेल खर्चा आपस में बांट लेते थे और घर जाते थे। इस बार भी सोमवार को दो जवानों का साप्ताहिक अवकाश था और दो ने छूट्टी ली थी। इसलिए चारों हमेशा की तरह नरेंद्र की गाड़ी में सवार हुए और अपने घर के लिए निकले।
दोपहर को गाड़ी पुलिया से टकरा गई और चारों हादसे का शिकार हो गए। हवलदार नरेंद्र की ड्यूटी जेजे कॉलोनी पुलिस चौकी में थी, सुभाष की ड्यटी सिटी थाना और सुभाष चंद्र और होमगार्ड नरेश की ड्यूटी पुलिस लाइन में थी। परिवार गांव में ही रखते थे। इसलिए प्रत्येक सप्ताह रेस्ट पर घर जाते थे।
डोभी निवासी नरेंद्र के भतीजे बोले -हर रोज होती थी चाचा से बात मगर हादसे वाले दिन नहीं आया उनका फोन
बालसमंद। सोमवार को फतेहाबाद के भट्टूकलां क्षेत्र में सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए डोभी निवासी नरेंद्र की अपने भतीजों और भाई से अक्सर हर रोज बात होती थी। वह अपने भतीजों से उनकी पढ़ाई और परिवार का समय-समय पर हाल-चाल जानते थे मगर सोमवार के दिन परिवार के सदस्यों के पास शायद अनहोनी के अहसास के चलते उनका संपर्क नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कि नरेंद्र काफी मिलनसार था और जब भी घर आता था तो परिवार के सदस्यों के अलावा अपने पड़ोसियों का भी हाल-चाल जानता था।
आधे घंटे बाद मिली ग्रामीणों को हादसे की सूचना, तब तक तीनों की थम चुकी थीं सांसें
सिरसा से ड्यूटी कर कार में सवार होकर अपने-अपने घर जा रहे तीन पुलिस जवानों की सांस बीच रास्ते में ही थम गई। गांव ढाबीकलां व खाबड़ा के बीच लिंक रोड होने के कारण यहां पर लोगों का आवागमन बहुत कम होता है।
दोपहर को हुए इस सड़क हादसे का काफी देर तक किसी को सूचना नहीं मिली। घटना के करीब आधा घंटा से भी अधिक समय बीत जाने के बाद इस मार्ग से गुजर रहे एक राहगीर ने पुलिया में फंसी हुई कार को देखा। जब वह कार के समीप आकर देखा तो कार में घायलों को देखकर ढाबीकलां के बस स्टैंड के पास खड़े लोगों को घटना के बारे में अवगत कराया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही लोग कार की तरफ दौड़े। लोगों ने कार के शीशे तोड़ कर देखा तो तीन व्यक्ति कार में पूरी तरह से फंसे हुए थे। पीछे की सीट पर घायल पड़े एक युवक की सांसें चल रही थी।
घायल को लोगों ने तुरंत भट्टूमंडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर आए। जहां से उसे इलाज के लिए हिसार के प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। पुलिस व लोगों ने कार से शवों को निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन हादसे से कार चिपक जाने के कारण शव बाहर नहीं निकल पाए। जेसीबी व कटर से खिड़की काटकर शवों को बाहर निकाला गया। इस हादसे में तीन पुलिस कर्मियों की मौत की सूचना मिलते ही लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। तीनों मृतक हिसार जिले से है।
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