कभी भी गिर सकता है 28 वर्षों से जर्जर सरगम हाेटल की तीन मंजिला इमारत, 100 फुटी टंकी भी हुई टेढ़ी
शहर के वार्ड नंबर 6 के बीचोंबीच अग्रसेन धर्मशाला के सामने मार्केट कमेटी परिसर में बना सरगम होटल का तीन मंजिला भवन व बूस्टिंग स्टेशन की सौ फुट ऊंची पेयजल की टंकी 28 वर्षों से जर्जर हाल में पड़ी हुई हैं। वहीं इस बिल्डिंग में तीन साल पहले प्रशासन ने नंदीशाला खोलकर बेसहारा पशुओं को भी रखा हुआ है। जर्जर हाल यह बिल्डिंग व टंकी कभी भी गिर सकती हैं और रिहायशी कॉलोनी में करीब 100 फुट तक चोट दे सकती है।
मार्केट कमेटी सचिव पिछले लंबे समय से बार बार इसे कंडम घोषित कर गिराने की डिमांड भेज चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब तो रिहायशी कॉलोनी के साथ नंदीशाला के डेढ़ सौ पशुओं की जिंदगी भी भगवान के हवाले है। पिछले 50 दिनों में भूकंप के भी करीबन 20 झटके आ चुके हैं। केंद्र भी नजदीकी शहर रोहतक रहा है।
1977 में हुआ था तीन मंजिला भवन व बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण : अग्रसेन धर्मशाला के सामने मार्केट कमेटी ने सन 1977 में अपने कार्यालय भवन के साथ-साथ तीन मंजिला भवन बनाया था जिसमें सरगम होटल शुरू किया गया था। वहीं इसी भवन के साथ शहर में पानी सप्लाई करने के लिए बूस्टिंग स्टेशन की सौ फुट ऊंची टंकी का निर्माण भी करवाया था।
वहीं सरगम होटल 1988 में ही बंद हो गया था। जिसे तीन साल बाद 1991 में हरियाणा टूरिज्म को दे दिया गया था। लेकिन वह भी एक साल चला और 1992 में बंद हो गया था। वहीं बूस्टिंग स्टेशन भी कंडम हो चुका था। ऐसे में पिछले 28 वर्षों से खाली पड़ी इस बिल्डिंग का प्लास्टर खुद ही टूट टूट कर गिर रहा है।
जर्जर होने के बावजूद प्रशासन ने बिल्डिंग में बनवाई नंदीशाला
लगातार 7 से 8 वर्षों से मार्केट कमेटी तरह से इस बिल्डिंग व टंकी को कंडम घोषित कर गिराने के लिए डिमांड भेजी जा रही है। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने 2017 में इसी बिल्डिंग के अंदर शहर की नंदीशाला बना दी। जिसमें पशुपालन विभाग व नगर परिषद ने मिलकर बेसहारा पशुओं को रोक रखा है। अगर यह बिल्डिंग या टंकी गिर भी जाती है तो वहां रोके गए करीब डेढ़ सौ बेसहारा पशुओं की मौत हो सकती है।
दो वर्ष पूर्व सचिव व एक्सईएन ने की थी नंदीशाला शिफ्ट करने की सिफारिश
करीब दो वर्ष शहरी निकाय विभाग के वित्तायुक्त एंव प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण दादरी आए थे। इस दौरान मार्केट कमेटी के तत्कालीन सचिव बसंत कुमार व एक्सईएन रमेश थूड ने उन्हें बताया था कि बिल्डिंग हद से ज्यादा जर्जर हो चुकी है। इसलिए यहां खोली गई नंदीशाला को दूसरी जगह शिफ्ट कर देना चाहिए। लेकिन अभी तक न तो बिल्डिंग तोड़ी गई है और न ही नंदीशाला को शिफ्ट किया गया है।
43 साल पुराना है बूस्टिंग स्टेशन
अग्रसेन धर्मशाला के सामने 43 वर्ष पुराना बूस्टिंग स्टेशन है। उसी दौरान सौ फुट ऊंची टंकी का भी निर्माण किया गया था। लेकिन पिछले 28 वर्ष पहले इसे बंद कर दिया था। ऐसे में जर्जर हो चुकी है। अब तो धीरे धीरे यह टंकी टेढ़ी होती जा रही है जो कभी भी वार्ड नंबर 6 की रिहायशी कॉलाेनी पर गिर सकती है। अगर इसे जल्द ही नहीं तोड़ा जाता है तो यह कई लोगों की मौत का कारण बन सकती है।
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