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पिछले साल के मुकाबले 7%अधिक बच्चे पास, 67.25% रहा रिजल्ट, प्रदेश में टॉपर 15 में से 9 लड़कियां हिसार कीं

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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित किया है। जिले के 26533 विद्यार्थियों ने इस साल परीक्षा दी। इसमें से 17844 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 67.25 प्रतिशत रहा। वहीं 2580 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट व 6109 विद्यार्थी परीक्षा में असफल रहे। पिछले आंकड़ों की बात की जाए तो 2014 के बाद 2020 के परिणाम में ही जिला पुन: 64 प्रतिशत पर पहुंच पाया है।

साल 2014 में जिले का परीक्षा परिणाम 64.44 प्रतिशत रहा था। जिसके बाद लगातार गिरावट के बाद साल 2019 में 60.62 प्रतिशत व 2020 में 64.59 प्रतिशत से बढ़त प्राप्त की है। नारनौंद की ऋषिता 500 में से पाए 500 अंक लेकर प्रथम स्थान पर रही। वहीं दूसरे नंबर पर भी नारनौंद की उमा ने 499 अंक प्राप्त कर मोर्चा मारा। तीसरे स्थान पर 498 अंकों के साथ कल्पना रही। तीनों ही नारनौंद के टैगोर सीनियर सैकेंडरी स्कूल की छात्राएं हैं। वहीं टॉप थ्री रैंक पर रहे 15 स्टूडेंट्स में से 9 स्टूडेंट्स हिसार की हैं।

स्नेह- पिता गवर्नमेंट इंग्लिश टीचर हैं और थुराना में पोस्टिंग हैं। माता गृहिणी हैं। स्नेह ने बताया कि वह आईएएस बनना चाहती हैं। इसके लिए तैयारी कर रही हैं। पढ़ाई में पूरा ध्यान दिया। जो स्कूल से काम मिलता था उसको पूरा किया। उन्हें खेलकूद, म्यूजिक व कविता पसंद है। परीक्षा के दिनों में बीच बीच में इन्हीं से मूड फ्रेश करती थी।

गर्विता- गर्विता के पिता सतबीर सिंह खेती करते हैं व गांव पेटवाड़ के पूर्व सरपंच हैं। माता गृहिणी हैं। गर्विता ने बताया कि उनका लक्ष्य डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने का है। वह घर पर 7-8 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। स्कूल से जो काम मिलता था उसे पूरा करती थी। वह बेडमिंटन खेलना पसंद करती हैं।

डॉक्टर बनना चाहती हैं उमा
उमा नारनौंद के टैगोर सीनियर सेकंडरी स्कूल नारनौंद की छात्रा है। पिता टीचर हैं और मिर्चपुर में नियुक्त हैं। माता ऑडिटर हैं और जुलाना में तैनात हैं। वह डॉक्टर बनना चाहती है। साइंस में रुचि है। सभी विषयों को अच्छे से पढ़ती हैं। घर पर ही पढ़ाई की, कोई ट्यूशन नहीं लगाई। पिता सरकारी टीचर हैं तो उन्होंने भी पढ़ाई में मदद की।

साइंस में रुचि, डॉक्टर बनूंगी : हिमांशी
हिमांशी टैगोर सीनियर सेकंडरी स्कूल नारनौंद की छात्रा है। पिता नारनौंद में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। माता गवर्नमेंट टीचर हैं व इंग्लिश पढ़ाती हैं। उन्होंने बताया कि साइंस में इंटरेस्ट है। वह डॉक्टर बनना चाहती है। घर पर ही पढ़ाई करती थी। स्कूल से जो काम मिलता उसको पूरा करती थी। माइंड फ्रेश के लिए इंडोर गेम्स खेलती थी।

रोज 6 घंटे पढ़ाई कर निकिता ने प्राप्त किया प्रदेश में दूसरा स्थान
परीक्षा में 499 अंक प्राप्त कर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रही निकिता को परिणाम का पता चलते ही परिवार में जश्न शुरू हो गया। निकिता पड़ाव चौक स्थित जीएनजेएन गोयनका गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल में पढ़ती है। निकिता के पिता मारूति सावंत एक ज्वेलरी शॉप पर काम करते हैं। मां सुशीला गृहिणी हैं। परिवार के स्पोर्ट के साथ साथ शिक्षकों को श्रेय देकर निकिता ने सभी का धन्यवाद किया। निकिता ने बताया कि रोज स्कूल से घर आने के बाद खाना खाते ही पढ़ाई करने में जुट जाती थी।

6 बजे तक लगातार पढ़ाई कर एक दो घंटे खेल को देती रही। घर से बाहर जाकर खेलने से वह खुद को तरोताजा महसूस करती। रात को 10 बजे तक फिर से पढ़ाई करने लगती थी। निकिता ने बताया कि उसकी रुचि गणित में अधिक है। वह नॉन- मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती है।




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दसवीं में टॉपर रही ऋषिता परिजनों के साथ।


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