लॉकडाउन में एक्सप्लोर हुए आइडिया, बेटियों ने किए बिजनेस स्टार्टअप, मुश्किल दौर में भी अपने शौक और हुनर को निखार कर बिजनेस की राह चुनी
कोरोना के चलते लॉकडाउन के समय में लोगों के पास खुद के लिए काफी वक्त था। इस दौरान जहां किसी ने काम के बंद होने की दुहाई दी, वहीं किसी ने इसे सेल्फ ग्रुमिंग और कैरियर के बारे में सोचने का एक मौका समझकर खुद पर काम किया। पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर आत्मनिर्भर होने की बात काफी ट्रेंड भी हुई। इस बीच सिटी की एमबिशियस लड़कियों ने अपने कैरियर की तरफ पहला कदम बढ़ाकर खुद को आत्मनिर्भर बनाया।
आज जानिए कुछ ऐसी ही बेटियों के बारे में जिनके आइडिया लॉकडाउन में अनलॉक हुए। साथ ही इन्होने एंटरप्रेन्योर बनने का अपना सपना पूरा किया। अब अनलॉक वन में उनका बिजनेस तेज हो रहा है।
फैब्रिक पेंटिंग से कपड़े, शूज डिजाइन किए, कस्टमर ने हाथों-हाथ लिए
कल्पना चावला कॉलेज की बीएड छात्रा महाबीर कॉलोनी वासी निशा शर्मा की पेंटिंग में शुरू से गहरी रुचि थी। लॉकडाउन में निशा ने पेंटिंग को नए अंदाज में करने की सोची। उसने फैब्रिक पेंटिंग से कपड़े डिजाइन करना शुरू किया। उनके डिजाइन किए हुए कपड़े आसपास की लेडीज को काफी पसंद आए। इसके बाद लेडीज ने ऑर्डर पर कपड़े और शूज बनवाना शुरू कर दिया। उनकी सर्विस से देखते ही देखते निशा कस्टमर्स के ऑर्डर आने लगे हैं।
निशा के कलेक्शन की खास बात है कि वे शूज बिल्कुल ड्रेस से मैच करके ही डिजाइन करती हैं। जो मार्किट में मिलना बहुत मुश्किल है।
वुडन ज्वेलरी से लेडीज बनी इंडिपेंडेंट, अब डिजिटल मार्केटिंग पर देंगी जोर
एकता मेलकानी एचएयू के होम साइंस कॉलेज से पीएचडी कर चुकी हैं। वह वुडन बिट्स से ज्वेलरी बनाने का बिजनेस करती हैं। इसमें अपने साथ गांव मंगाली की दूसरी लेडीज को भी जोड़ चुकी हैं। लेकिन लॉकडाउन में एकता ने गवर्नमेंट की नई योजनाएं कैसे यूटिलाइज किए जा सकें, इस पर जानकारी हासिल की। और साथ ही डिजिटल मार्केटिंग को लेकर प्लानिंग कर रही हैं। जिससे वे हिसार के अलावा बाकी शहरों में भी अपने बिजनेस को एक्सप्लोर कर सकें। साथ ही उनके हैंडीक्राफ्ट आइटम सभी लोगों तक वक्त पर पहुंच सकें।
स्टार्टअप इंडिया स्कीम से हुई बिजनेस की शुरुआत, पिता भी दे रहे भरपूर साथ
तलवंडी गांव की बीकॉम पास निशा वर्मा के बिजनेस की शुरुआत तब हुई जब स्टार्टअप इंडिया की टीम उनके कॉलेज में आई। स्टार्टअप इंडिया की स्कीम निशा को पसंद आई। इस आइडिया में निशा की फ्रेंड गरिमा भी जुड़ गई और पिता ने भी बतौर पार्टनर रजिस्टर किया। उन्हें प्रिंसिपल और हिना पाहुजा ने पूरा सपोर्ट किया।
बिजनेस 3 मार्च को ही रजिस्टर हुआ। लॉकडाउन में इस पर काम करने और स्ट्रेटजी बनाने का पूरा वक्त मिला। अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते ही काम शुरू कर दिया। उनकी बनाई प्लेट्स मार्केट में काफी दुकानों पर सप्लाई हो रही हैं।
इयररिंग्स के साथ अंकलेट्स की खास डिमांड, मार्केट में भी है सप्लाई
राजविंदर कौर के बिजनेस की शुरुआत लॉकडाउन के चलते ही हुई। ऑफिस बंद होने के बाद राजविंदर ने अपने टैलेंट को एक्सप्लोरर करने का सोचा। घर पर ही क्रोशिए से इयररिंग्स, ब्रेसलेट और अंकलेट्स बनाना शुरू किए। राजविंदर ऑनलाइन अपने बनाए हुए ज्वेलरी पीस इसको अपलोड करती थी। लेडीज ने उनके ज्वेलरी पीस को काफी पसंद किया। और इस तरह उनके बिजनेस की शुरुआत हो गई। इनकी बनाई अंकलेट मार्केट में भी कई दुकानों पर जा रही हैं।
पार्लर बंद हुआ तो ऑनलाइन प्रोडक्ट सेल करने का काम शुरू किया
मुल्तानी चौक निवासी दीक्षा राजपाल एक मेकओवर पार्लर की ऑनर है। इसलिए उन्हें कॉस्मेटिक प्रोडक्टस की अच्छी नॉलेज थी। उनके लाए हुए प्रोडक्ट्स आसपास के लोगों को काफी पसंद आते थे। लॉकडाउन में पार्लर बंद हुआ था तो दीक्षा ने प्रोफेशनल लाइफ में बदलाव लाने की सोची और ऑनलाइन प्रोडेक्ट सेल शुरू की। फिर धीरे-धीरे उन्होंने कॉस्मेटिक प्रोडक्ट के साथ डेकोर आइटम्स पर भी अपनी पकड़ बना ली। आज दीक्षा फोटो और नाम वाली काफी यूनिक चीजें भी ऑर्डर पर अवेलेबल करा रहीं हैं।
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