प्रधान बोले- सरकार मांगों को पूरा करने की बात करती है, पर करती नहीं
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने अम्बाला डिपो परिसर में सरकार से अपनी मांगों को लेकर गेट मीटिंग की। इसकी संयुक्त अध्यक्षता बीरभान बैनीवाल, जयबीर घणघस, रमन सैनी व संचालन महावीर पाई ने की। कर्मचारी नेताओं ने सरकार व विभाग के उच्चाधिकारियों पर आरोप लगाया कि सरकार रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को पूरी करने की बात तो करती है पर पूरा नहीं करती।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि बीती 6 जनवरी और 4 जून को परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में रोडवेज के उच्चाधिकारियों से अपनी मांगों को लेकर मिले थे। आश्वासन मिला पर मांगे पूरी नहीं की गई। कमेटी ने आरोप लगाया कि कोरोना संकट की आड़ में सरकार प्राइवेट परमिट पॉलिसी 2016 लागू करना चाहती है।
तत्कालीन परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार के साथ चार दिन की हड़ताल के बाद इस शर्त के साथ समझौता हुआ था कि विभाग पॉलिसी 2016 को रद्द कर देगा। इसको लेकर हाईकोर्ट में शपथ पत्र भी दिया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ में पॉलिसी 2016 को दोबारा लागू करना चाहती है। वरिष्ठ नेता इंद्र सिंह बधाना व फूल कुमार समेत मीटिंग को बसंत सैनी, राजेन्द्र सोलंकी वेद प्रकाश रामप्रकाश राममेहर काजल अनिल कुमार आदि ने संबोधित किया।
रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की ये हैं प्रमुख मांगें
- स्टेज कैरिज स्कीम 2016 रद्द की जाए।
- रोडवेज के बेड़े मे 14000 सरकारी बसों को शामिल किया जाए।
- कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने वाले कर्मचारियों को उनका इंसेंटिव दिया जाए।
- परिचालकों को ई-टिकटिंग मशीन उपलब्ध करवाई जाए।
- 2016 के चालकों सहित वर्कशाॅप में कार्यरत कर्मचारियों को पक्का किया जाए और जब तक पक्का नहीं किया जाता तब तक समान काम समान वेतन दिया जाए।
- रोडवेज कर्मचारियों को कोरोना योद्धा का दर्जा देकर सरकार द्वारा जारी 50 लाख रुपए को एक्सग्रेशिया स्कीम में शामिल किया जाए।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3esPFYD
कोई टिप्पणी नहीं