संक्रमण पर नियंत्रण और संक्रमितों की तुरंत पहचान के लिए अब कंटेनमेंट जोन और अस्पताल में होगा रेपिड एंटीजन टेस्ट
जिला प्रशासन ने जुलाई में कोरोना के चरम पर पहुंचने का अंदेशा भांपते हुए इसके नियंत्रण को लेकर प्रयास तेज कर दिए हैं। संक्रमितों की जल्दी पहचान करने के लिए दिल्ली की तर्ज पर हेल्थ विभाग कंटेनमेंट जोन व अस्पताल में रेपिड एंटीजन टेस्ट शुरू करेगा। इससे महज 15 से 30 मिनट के भीतर रिपोर्ट्स का पता चल सकेगा। इससे बचने वाले समय में कोविड रेपिड रिस्पोंस टीम को कोरोना कंट्रोल पर काम करने का ज्यादा समय मिल पाएगा।
इस टेस्टिंग की ट्रेनिंग के लिए हिसार जिला स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अरूणा गर्ग, माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ. गरिमा और एलटी सत्यवान कांतिवाल को गुरुग्राम भेजा गया था। प्रशिक्षित टीम ने आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. जया गोयल और कोविड नोडल ऑफिसर डॉ. सुभाष खटरेजा की मौजूदगी में डॉक्टर्स व लैब टेक्निशियन्स को रेपिड एंटीजन टेस्टिंग में ट्रेंड करने की शुरुआत की।
कंटेनमेंट जोन में कितनी चाहिए मैनपावर, ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग
एंटीजन टेस्टिंग के वक्त एक कंटेनमेंट जोन में 5 सदस्यीय टीम की जरूरत होगी। टीम वर्क से टेस्टिंग करने से लेकर जिनकी टेस्टिंग हुई है उनका संपूर्ण डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर तुरंत अपडेट करना होगा। बकायदा व्यक्ति के मोबाइल पर रिपोर्ट उपलब्ध होगी, जैसा कि रेपिड एंटीबॉडी टेस्ट और आरटीपीसीआर में होता रहा है।
जानिए... क्या है एंटीजन टेस्ट, कैसे आता है रिजल्ट
रेपिड एंटीजन टेस्ट कोविड जांच की नवीनतम तकनीक है। इसमें संदिग्ध व्यक्ति की नाक में स्ट्रिप डालकर स्वैब या फ्लूड का सैंपल लिया जाता है। इसके बाद किट में सोल्यूशन की तीन ड्रॉप डालकर फ्लूड के साथ मिक्स किया जाता है, जिससे 15 से 30 मिनट में रिजल्ट सामने आ जाता है। किट में एक लाइन आती है तो इसका मतलब रिपोर्ट निगेटिव है। अगर 2 लाइन लाल दिखाई देती हैं तो कोरोना संक्रमित हैं।
समय बचेगा, तकनीक भी है अलग
रेपिड एंटी बॉडी टेस्टिंग किट का प्रयोग हो चुका है। हिसार में 500 किट्स आईं थी। इनका प्रयोग कोरोना को हराने वाले लोगों में एंटी बॉडी बनने की जांच हुई थी। किट का रिजल्ट मिलाजुला था इसलिए दोबारा किट उपलब्ध नहीं हुईं। इस किट से टेस्टिंग के लिए व्यक्ति के खून का नमूना लिया जाता था।
जिससे पता चलता था कि शरीर में कोरोना से लड़ने के लिए एंटी बॉडिज बनी हैं या नहीं। इससे एक भी पॉजिटिव रोगी की पहचान नहीं हुई थी। आरटीपीसीआर टेस्ट में मिनटों नहीं बल्कि कई घंटों का समय लगता है। इसकी रिपोर्ट विश्वसनीय मानी जाती है। पर, रेपिड एंटीजन टेस्टिंग से काफी समय की बचत संभव है।
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