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नगर निगम के पास फंड नहीं, डेयरी शिफ्टिंग, मल्टीस्टाेरी पार्किंग और साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट प्रोजेक्ट अटके

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(राजेश सैनी)कोरोना काल में शहर के विकास कार्यों पर भी साइड इफेक्ट आने शुरू हो गए हैं। शहर के तीन बड़े प्राेजेक्ट फिलहाल सरकार के आगामी आदेश तक अटक गए हैं। इनमें साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, डेयरी शिफ्टिंग व मल्टीस्टाेरी पार्किंग प्रोजेक्ट है। मुख्यालय ने इनकी डिटेल मांगी है कि कितना खर्च आएगा और स्टेटस क्या है। जिन प्रोजेक्टों के लिए निगम के पास फंड नहीं है, अधिकारी तीन दिन पहले उन प्राेजेक्टों की पूरी डिटेल भेज चुके हैं।

संभावना जताई है कि इन प्राेजेक्ट काे सिरे चढ़ाने के लिए करीब 100 कराेड़ रुपये की जरूरत हाेगी। सिटी की पब्लिक से जुड़े तीनों प्रोजेक्ट जानिए सुविधाओं को लेकर क्या मायने रखते हैं। और ये प्रोजेक्ट यदि सिरे नहीं चढ़ते हैं तो क्या परेशानियां बनी रहेंगी।

जानिए... किस प्राेजेक्ट पर कितना आएगा खर्च और क्या है स्टेटस, सिटी काे क्या हाेगा फायदा

प्राेजेक्ट वन : साॅलिड वेस्ट
शहर का अहम प्राेजेक्ट है और हर घर से जुड़ा है। क्योंकि घर-घर से सेग्रीशन किया कचरा साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर पहुंचेगा। ग्रीन वेस्ट से खाद बनाने व हार्ड वेस्ट से बिजली बनाना या अन्य प्राेजेक्ट लगाया जाना है। सरकार के आदेश के बाद अटका।
लागत: करीब 23 कराेड़ रुपये अनुमानित।
स्टेटस: निगम इसके लिए जमीन तलाश कर रहा है। इससे पहले जीएलएफ की जमीन ले भी ली मगर एयरपाेर्ट से कम दूरी के कारण इस जमीन काे साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए रिजेक्ट करना पड़ा। नई जमीन ढूंढी जा रही है।
इफेक्ट: प्राेजेक्ट के अटकने से सिटी की स्वच्छता सर्वेक्षण व स्टार रैंकिंग पर असर पड़ेगा। शहर क्लीन सिटी की लिस्ट में शामिल नहीं हाे पाएगा। कचरे की रिसाइक्लिंग नहीं हाे पाएगी। डंपिंग स्टेशन इलाके में पाॅल्यूशन की समस्या रहेगी।

प्राेजेक्ट 2 : मल्टीस्टाेरी पार्किंग
पुराने शहर में पार्किंग की जरूरत है। फाेर व्हीलर वाहनाें के बाजाराें में एंट्री के कारण जाम लग जाता है। पूरा दिन स्थिति ऐसी रहती है। प्रोजेक्ट सिरे चढ़े तो 700 से ज्यादा वाहन, जिनमें 369 चाैपहिया 369 व्हीकल ही टू व्हीलर की पार्किंग हो सकेगी।
लागत: करीब 53 कराेड़ रुपये अनुमानित।
स्टेटस: सिटी थाना के सामने नगर निगम ने जीएलएफ से 2 एकड़ 1 कनाल व 12 मरले जमीन ली है। निगम ने ये जमीन नाम ट्रांसफर करवा ली है। मल्टीस्टाेरी पार्किंग का डिजाइन तैयार है जाे अप्रूव्ल के लिए मुख्यालय गया हुआ है।
इफेक्ट: मल्टीस्टोरी पार्किंग बनने से देरी हाेने पर खजांचियान बाजार, तिलक बाजार, पठाना मोहल्ला, गांधी चौक, तलाकी गेट, गुलाब सिंह चौक बाजार, सिटी थाना रोड बाजार, ऑटो मार्केट आदि में जाम की परेशानी बनी है।

प्राेजेक्ट 3 : डेयरी शिफ्टिंग
पशु डेयरियों काे शहर से बाहर करने का प्लान है। सरकार ने इसके लिए जमीन खरीदने के लिए नगर निगम के खाते में 40 करोड़ 80 लाख 5 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। टाउन प्लानिंग की याेजना के तहत शहर के अंदर पशु डेयरियां नहीं हाे सकती।
लागत: डेयरी शिफ्टिंग को निगम की डिमांड 26 कराेड़
स्टेटस : निगम ने बगला रोड पर जीएलएफ की 50 एकड़ जमीन डेयरी प्लाजा के लिए चिह्नित की थी। इसमें से तीन एकड़ पीरांवाली के श्मशान घाट की निकली। फिर निशानदेही हुई। सर्वे में सिटी में 361 डेयरी मिली थी। आवदेन 21 आए।
इफेक्ट: प्राेजेक्ट सिरे न चढ़ने से सीवरेज ब्लाॅक की समस्या आ रही है। पशु डेयरियाें वाले एरिया में गंदगी रहती है। गंदगी के कारण मच्छर मक्खी पैदा हो रहे हैं। बीमारियां फैलने का भय रहता है। असर स्वच्छता रैंकिंग पर भी पड़ रहा है।



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ग्रीन वेस्ट से खाद बनाने व हार्ड वेस्ट से बिजली बनाना या अन्य प्राेजेक्ट लगाया जाना है। सरकार के आदेश के बाद अटका।


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