70% पेरेंट्स आईटीआई में अभी सत्र शुरू करने के पक्ष में नहीं, 30 फीसदी बोले-कड़े इंतजाम हों
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने सरकारी और निजी आईटीआई में सत्र दोबारा शुरू करने को लेकर प्रशासन व अभिभावकों की राय की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 70 प्रतिशत अभिभावक संस्थान खोलने के पक्ष में नहीं हैं। जो 30 फीसदी अभिभावक संस्थान खोलने के लिए पक्षधर हैं, उन्होंने भी कड़ी शर्तों के साथ आईटीआई खोलने की हामी भरी है। दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन ने विभाग के आदेशानुसार संस्थान खोलने पर सहमति जताई है। जिले में 6 आईटीआई हैं जिनमें करीब 4000 छात्र पढ़ते हैं।
कैंट के मूलचंद आईटीआई के प्रिंसिपल प्रदीप गुप्ता ने बताया कि विभाग ने कोरोना काल में विभाग ने आईटीआई खोलने के लिए स्थानीय प्रशासन और अभिभावकों से राय की रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी थी। इस संबंध में 8 से 11 जून तक पीटीएम कराई। 12 जून तक मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी। संस्थान में करीब 418 छात्र पढ़ते हैं। इनमें से 413 पेरेंट्स से सोशल मीडिया व अन्य माध्यम से संस्थान खोलने को लेकर राय मांगी गई। इनमें से 83.78 फीसदी अभिभावकों ने हालात सामान्य होने तक संस्थान बंद रखने के लिए कहा।
संस्थान भेजने के लिए तैयार अधिकतर पेरेंट्स ने कहा कि संस्थान को प्रतिदिन सेनिटाइज किया जाए और हर कक्षा में हैंड फ्री सेनिटाइजर मशीन भी रखी जाए। छात्रों को दो शिफ्टों में बुलाया जाए।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट की दिक्कत: नोडल अधिकारी
भूपेंद्र सांगवान, नोडल अधिकारी, जिला आईटीआईने कहा कि अधिकतर पेरेंट्स ने पीटीएम के दौरान 3 बातों को प्रमुख रूप से उठाया है। पहला, पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध नहीं है तो बच्चे कैसे आएं। दूसरा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मुताबिक सभी संस्थानों में इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाए। उसके बाद एसओपी के मुताबिक संस्थान खुले। तीसरा, संस्थान में आने के दौरान बच्चे में संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो उस पर तुरंत क्या कार्रवाई होगी। करीब 70 फीसदी पेरेंट्स ने अभी संस्थान न खोलने के सुझाव दिए हैं। बाकी 30% ने भी शर्तों के साथ हामी भरी है।
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