एसएलसी मामले पर निजी स्कूलों ने दिया 25 जून तक का अल्टीमेटम
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने बिना एसएलसी के सरकारी स्कूलों में दाखिला देने का फरमान जारी करने के निर्देशों को असंवैधानिक, गैरकानूनी और आधारहीन करारदिया है।
इसके विरोध में प्रदेशभर में कई बैठकों के दौरान प्राइवेट स्कूलों के प्रतिनिधियों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि सभी प्राइवेट स्कूल 25 जून तक जिलास्तर पर व सभी ब्लॉक लेवल पर खंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, उपमंडल अधिकारी, उपायुक्त, एमएलए और सभी सांसदों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
इसी कड़ी में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा, मंत्री अनूप धानक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, पूर्व शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा, जजपा प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह, बरवाला के विधायक जोगीराम सिहाग, टोहाना के विधायक देवेंद्र बबली, हांसी के विधायक विनोद भयाना, करनाल के एमपी संजय भाटिया, भाजपा संगठन मंत्री सुरेश, घरोंडा के विधायक हरविंदर कल्याण और हरियाणा में कई जिलों के शिक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। अगर सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती तो 25 जून को हरियाणा के तमाम साथियों को एकत्र कर संघर्ष का बिगुल बजाया जाएगा।
उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि स्कूलों को उनकी प्लेज मनी निकालने की छूट दी जाए ताकि स्कूल स्टाफ का रुका हुआ वेतन दिया जा सके।
कुंडू ने कहा कि स्कूलों के एमआईएस पोर्टल को लॉगिन करते समय स्कूल मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नम्बर पर ओटीपी आना चाहिए तथा वो ओटीपी डालकर ही लॉगिन होना चाहिए, नहीं तो विभाग बिना स्कूल की अनुमति के लॉगिन करके रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर सकता है, जिससे विद्यालय की गोपनीयता का हनन हो सकता है। विनय वर्मा व शैलेंद्र शास्त्री ने कहा कि सरकार को प्राइवेट स्कूलों के लिए आर्थिक पैकेज का ऐलान करना चाहिए और नियम 134ए का चार वर्षों का बकाया शीघ्र अति शीघ्र भुगतान करना चाहिए, जिससे स्कूल संचालक अपने अध्यापकों की सैलरीदे सकें।
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