अपनों की अस्थियां नहीं ले जा रहे लोग, किसी के पास हरिद्वार जाने का साधन नहीं, कुछ ने गलत फोन नंबर व पता लिखवाया
(पंकज धींगड़ा)मृत्यु के बाद दिवंगत अंतिम संस्कार से लेकर अस्थियां जुटाने और उन्हें विसर्जित करने तक की सभी रस्में अपने ही करते हैं। लेकिन कोरोना काल में परिजन इन रस्मों से कतरा रहे हैं। अंतिम संस्कार के बाद जुटाई गईं अस्थियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है जो इनका विसर्जन कर दे। सिरसा शिवपुरी में कोरोना काल के दौरान 300 से ज्यादा अंतिम संस्कार हुए। इनमें करीब 10 ऐसे थे जो लावारिस हालत में मिले, अन्य की पहचान रजिस्ट्रर में दर्ज है। लेकिन 100 से ज्यादा चिताओं की अस्थियां एकत्र करने कोई परिजन आया ही नहीं।
शिवपुरी के प्रधान अमीर चावला ने बताया कि जिन शवों के संस्कार के बाद परिजन न अस्थियां एकत्र करने और न ही विसर्जन के लिए ले जाने को तैयार हुए। लॉकडाउन के दौरान बसें व ट्रेनें बंद होने के कारण लोग अस्थियां विसर्जन करने हरिद्वार नहीं जा पाए। हालांकि कुछ लोग पर्सनल वाहन से गए हैं, जबकि कई लोगों ने कहा कि जब ट्रेन व बसें चलेंगी, तब जाकर अस्थि विसर्जन करेंगे।
बॉर्डर सील था इसलिए रास्ते से वापस आना पड़ा
शिवपुरी के मैनेजर चेतन शर्मा ने बताया कि 6 परिवार ऐसे भी हैं जो निर्धारित समय में विसर्जन के लिए ले भी गए। लेकिन दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड बॉर्डर सील होने के कारण उन्हें वापस भेज दिया गया। अस्थि विसर्जन के लिए भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
अस्थियां एकत्रित कर भूले परिवार
20 परिवार ऐसे भी हैं, जिन्होंने अस्थियां एकत्र की और शिवपुरी में स्थित लॉकर में सुरक्षित रखवा दिया। लेकिन इन अस्थियों को अब वे लेने नहीं आ रहे हैं। अब इन 20 अस्थियों को भी सामाजिक संस्था ही अपने स्तर पर विसर्जित करेगी, क्योंकि शिवपुरी के नियमानुसार अस्थियां ले जाने के लिए 2 माह का समय निर्धारित है।
पानीपत. 2 कोरोना संक्रमितों के परिवाराें ने अस्थियोंकाे लेने से ही मना किया
पानीपत में मार्च से अब तक 150 परिवार अस्थियां ले जा चुके हैं। 125 अभी भी रखी हुई हैं। पानीपत में 7 की मौत कोरोनो संक्रमण से हुई। इनमें से 5 मृतकों के परिजन अस्थियां ले जा चुके हैं और 2 के परिजनों ने लेने से इनकार कर दिया। इनके परिजन तो अस्थियों को चुनने भी नहीं आए।
कोई कह रहा है कि उसके पास हरिद्वार जाने के लिए साध नहीं है तो कुछ लोग अपने मोबाइल नंबर और पता ही गलत लिखवा गए। विभिन्न कारणों में जान गंवाने वाले 3285 अज्ञाताें की अस्थियां जन सेवा दल अगले महीने हरिद्वार लेकर जाएगा।
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