नशे के गढ़ में तस्करों के साथ सेटिंग का खेल थाना इंचार्ज ने 5 लाख ले छोड़ दिया था आरोपी
सिरसा को नशा मुक्त करने के लिए प्रयासरत्त डीआईजी डॉ. अरूण नेहरा के मिशन को उस समय झटका लगा। जब डबवाली जैसे इलाके में नशा तस्करों को पकड़ने की जिम्मेदारी संभाल रहे थाना प्रभारी और उसकी टीम के साथी सेटिंगबाज निकले। डीआईजी को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने इस मामले की जांच करवाई और प्राथमिक जांच के आधार पर डबवाली सीआईए थाना में डेढ़ महीने पहले ही लगाए गए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अवतार सिंह और उसके तीन साथी नशा तस्करों के साथ संलिप्त पाए गए।
कुछ दिन पहले चूरापोस्त तस्करों को पकड़ने के बाद उनसे 5 लाख रुपये में सौदा करके उन्हें छोड़ने के मामले की प्राथमिक जांच में वे दोषी मिले हैं। डीआईजी ने तुरंत प्रभाव से पूरे मामले की रिपोर्ट डीएसपी डबवाली से मांग ली है। वहीं उन्होंने प्राथमिक जांच को सही मानते हुए थाना प्रभारी अवतार सिंह, सब इंस्पेक्टर राजपाल, हवलदार राजवीर और हवलदार भूपेंद्र को लाइन हाजिर कर दिया है। उनकी विभागीय जांच शुरू कर दी है। डीआईजी डॉ. नेहरा ने बताया कि यह केवल सूचना मिलने पर प्राथमिक कार्रवाई है।
पन्नीवाला मोरिका के पास 20 किलो चूरापोस्त के साथ पकड़े थे दो तस्कर
डबवाली सीआईए थाना प्रभारी अवतार सिंह और उसकी टीम को कुछ दिन पहले सूचना मिली थी कि गांव पन्नीवाला मोरिका के दो नशा तस्कर चूरापोस्त लेकर आ रहे हैं। पुलिस की टीम ने नाकाबंदी करते हुए उन्हें रोका और तालाशी ली। दोनों के पास 20 किलो चूरापोस्त बरामद हुआ। डीआईजी को मिली सूचना मुताबिक सीआईए थाना प्रभारी अवतार सिंह और उसकी टीम ने दो में से एक तस्कर को छोड़ दिया और चूरापोस्त की मात्रा बिल्कुल कम दिखाते हुए एक को आरोपी दिखा दिया।
डीआईजी की ओर से करवाई गई मुखबिरी में पता लगा कि इस एवज में थाना प्रभारी और उसकी टीम ने आरोपी को निकालने और चूरापोस्त कम दिखाने की एवज में 5 लाख लिए थे। डीआईजी डॉ. नेहरा ने तुरंत डीएसपी को मामले की जांच दी और चारों को लाइन हाजिर करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है।
इधर...11,900 नशीले प्रतिबंधित कैप्सूलों सहित कार सवार तीन पकड़ में आए
सिरसा। विशेष अभियान के तहत जिले की सीआईए सिरसा पुलिस टीम ने गश्त व चैकिंग के दौरान महाराणा प्रताप चौक, हिसार रोड, सिरसा क्षेत्र से कार सवार 3 व्यक्तियों को काबू कर उनके कब्जा से 11,900 नशीले प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए है। सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े हुए की पहचान अमरजीत सिंह उर्फ अमर निवासी मुबारकपुर जिला अलवर, राजस्थान, सिंधु सिंह उर्फ काका निवासी खारेता जिला अलवर, राजस्थान व श्रवण सिंह उर्फ सोनू निवासी जसटरूदीन जिला भरतपुर, राजस्थान के रूप में हुई है।
फतेहाबाद से डेढ़ माह पहले बदलकर आया था अवतार सिंह
इंस्पेक्टर अवतार सिंह डेढ़ महीने पहले फतेहाबाद जिला से बदलकर सिरसा आया था। जिला में इंस्पेक्टरों की कमी होने के कारण डीआईजी ने अवतार सिंह को नशा का गढ माने जाने वाले पंजाब से सटे डबवाली इलाके में सीआईए थाना की जिम्मेदारी दी थी। ताकि वहां तेजी से नशा तस्करों के खिलाफ एक्शन लिया जा सके। सूत्र बताते है कि अवतार सिंह सब इंस्पेक्टर होते हुए रानियां में भी थाना प्रभारी रह चुके हैं। उस समय भी नशे के मामले में मिलीभगत के आरोप लगे थे। जिस पर तत्कालीन डीजीपी ने उनका तबादला यहां से मधुबन कर दिया था।
लाइन हाजिर करके जांच शुरू की : डॉ. अरुण नेहरा
सीआईए थाना प्रभारी अवतार सिंह और उसकी टीम के तीन मुलाजिमों के खिलाफ नशा तस्करों से सेटिंग करके 5 लाख रुपये लेने के आरोप लगे हैं। जिसकी जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच के आधार पर वे दोषी मिले है। इसलिए तुरंत प्रभाव से उन्हें लाइन हाजिर करके विभागीय जांच शुरू की है। बाकी जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नशा तस्करों के साथ मिलीभगत बर्दाश्त नहीं होगी।'' -डॉ. अरूण नेहरा, डीआईजी सिरसा।
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