भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी; 1019 बेड, जिनमें 359 ऑक्सीजन युक्त 71 आरक्षित सहित अभी 144 वेंटिलेटर
(भूपेश मथुरिया)जिला स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना को देखते हुए भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए इंतजाम शुरू कर दिए हैं। रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाना प्राथमिकता है। अच्छी बात यह कि संकट की घड़ी में भागीदारी के लिए निजी अस्पताल संचालकों के अलावा सेना आगे आई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए 2 डेडिकेट कोविड अस्पताल (डीसीएच), 12 डेडिकेटिड कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) और 12 कोविड केयर सेंटर्स (सीसीसी) में 1019 बेड उपलब्ध हैं, जिनमें 359 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा के अलावा 71 आरक्षित सहित करीब 144 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं।
सिविल अस्पताल को एक पोर्टेबल वेंटिलेटर डोनेट हुआ है। जरूरत पड़ने पर बेड व स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने का मास्टर प्लान तैयार है। वर्तमान में सेनिटाइजर, मास्क, पीपीई किट सहित अन्य सुरक्षा किट्स एवं उपकरणों का हजारों की संख्या में भंडारण है।
बता दें कि केंद्र सरकार का कोविड को लेकर पूर्वानुमान है कि हिसार में जिस तेजी से कोरोना केस मिल रहे हैं उससे जुलाई माह में 12 हजार केस संभावित हैं। यानी प्रतिदिन 400 के लगभग केस मिल सकते हैं। ऐसे में न सिर्फ स्वास्थ्य विभाग बल्कि जिला प्रशासन का इस भयावह स्थिति से निपटने एवं नियंत्रण के लिए उक्त प्रबंधों पर विशेष फोकस है। इतना ही नहीं जिला प्रशासन की तरफ से एक विशाल भवन तलाश किया जा रहा है, जहां एक साथ सैकड़ों रोगियों काे भर्ती करके इलाज संभव हो।
कोरोना से जंग में शामिल हुए 31 डॉक्टर्स, जीएच से लेकर सीएचसी-पीएचसी में तैनात, मैनपावर बढ़ी
कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही फ्रंटलाइन हेल्थ टीम का साथ देने के लिए 31 नये डॉक्टर्स ने ज्वॉइन कर लिया है। इन्हें सिविल अस्पताल के अलावा सीएचसी-पीएचसी में सेवाओं के लिए भेजा गया है। डॉक्टर्स ने अपने स्टेशन पर पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया। सिविल अस्पताल में कोविड आइसोलेशन वार्ड है, जहां मैनपावर की ज्यादा जरूरत है। इसे देखते हुए सिविल सर्जन ने फील्ड से कुछ नवनियुक्त डॉक्टर्स को प्रतिनियुक्ति पर सिविल अस्पताल में सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रदेश भर में 642 डॉक्टर्स की नियुक्ति करते हुए उन्हें स्टेशन अलॉट किए हैं। इससे पूर्व करीब 350 डॉक्टर्स की अलॉटमेंट हुई थी, जिनमें से 8-10 डॉक्टर्स ने हिसार में ज्वाॅइन किया था। फिलहाल कोरोना काल मेंजितनी मैनपावर बढ़ जाए उतना सुखद है। जिला सिविल सर्जन डॉ. रतना भारती का कहना है कि डॉक्टर्स की संख्या बढ़नेसे काफी राहत मिली है। मैनपावर बढ़ी है जिससे रोगियों को लाभ होगा।
जानिए... कितने हैं पद, कितने भरे, कितने खाली
एसडीएच, सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ सब सेंटर्स के लिए डॉक्टर्स के कुल 188 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 127 पद भरे हुए हैं, जिनमें 7 डॉक्टर्स गैरहाजिरी और 10 डॉक्टर्स पीजी कोर्स के लिए छुट्टी लेकर गए हैं। अब 110 डॉक्टर्स सेवारत हैं। इनमें ही उक्त 31 डॉक्टर्स शामिल हैं। इन 31 में से 2-3 डॉक्टर्स पीजी पढ़ाई के लिए छुट्टी पर जा सकते हैं। 61 पद खाली हैं। वहीं, सिविल अस्पताल में करीब 55 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 10 से 15 डॉक्टर्स के पद खाली हैं।
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