शहर से कूड़ा उठाने के एवज में हर माह 1.95 करोड़ लेनी वाली चीनी कंपनी का कांट्रैक्ट रद्द किया जाए
गलवान घाटी में चीन द्वारा भारतीय सैनिकों की हत्या किए जाने से गुस्साए मेयर से लेकर पार्षद तक लामबंद हो गए हैं। डिप्टी मेयर समेत अन्य भाजपा पार्षदों ने शहर से कूड़ा उठाने के एवज में हर माह 1.95 करोड़ रुपए वसूलने वाली चीनी कंपनी ईकोग्रीन का कांट्रैक्ट तत्काल रद्द करने की सरकार से मांग की है।
इस मुद्दे को लेकर पार्षदों का कहना है कि जल्द ही सभी इस मुद्दे पर बात कर सरकार से ठेका रद्द करने के लिए प्रस्ताव भेजेंगे। क्योंकि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। निगम पार्षद कंपनी के कामकाज से भी संतुष्ट नहीं है। डिप्टी मेयर मनमोहन गर्ग ने इस बारे में कमिश्नर डॉ. यश गर्ग को पत्र लिख कंपनी का ठेका तत्काल रद्द करने की सिफारिश की है।
फरीदाबाद व गुड़गांव से रोज निकलने वाले कूड़े का निस्तारण करने के लिए हरियाणा सरकार ने अगस्त 2017 में चीन की इको ग्रीन कंपनी के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया था। इसके तहत कंपनी ने गुड़गांव और फरीदाबाद में घर-घर से कूड़ा उठाकर बंधवाड़ी प्लांट तक पहुंचाना है। यहां ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र में कूड़े से बिजली भी बनाने की योजना है। कंपनी ने 15 दिसंबर 2017 से शहर के अलग-अलग वॉर्डों से कूड़ा उठाने का काम शुरू हो गया है। लेकिन आम जनता से लेकर पार्षद तक कंपनी के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं।
कूड़ा उठाने का रोज 6.50 लाख रुपए लेती है कंपनी
सूत्रों के अनुसार कंपनी सरकार से समझौते के तहत प्रति टन एक हजार रुपए निगम से वसूलती है। फरीदाबाद की बात करें तो यहां से रोज करीब 650 टन कूड़ा निकलता है। यानि 6.50 लाख रुपए कूड़ा उठाकर डंपिंग साइट बंधवाड़ी तक पहुंचाने के लिए निगम से कंपनी वसूल करती है। इस हिसाब से महीने का चार्ज 1.95 करोड़ रुपए होता है। इतना पैसा लेने के बाद भी निगम सदन व शहरवासी कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं।
कंपनी के खिलाफ लामबंद हो रहे निगम के पार्षद
डिप्टी मेयर मनमोहन गर्ग ने शुक्रवार को निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर कंपनी का ठेका तत्काल रद्द करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि भारत से विभिन्न कंपनियों के जरिए कमाई कर चीन हमारे सैनिकों की हत्या कर रहा है। अब समय आ गया है कि उसे जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि कंपनी के कामकाज से शहर संतुष्ट नहीं है। ऐसे में इस कंपनी का ठेका तत्काल रद्द किया जाए। पार्षद अजय बैसला, जसवंत सिंह, महेंद्र सरपंच, कपिल डागर, गीता रक्षवाल, दीपक चौधरी ने भी ठेका रद्द करने की मांग की है।
कंपनी पर अधिक वसूली के लगते रहते हैं आरोप
राज्य सरकार से हुए समझौते में कंपनी को डोर टू डोर कूड़ा उठाने के एक निर्धारित शुल्क वसूलने का आदेश है। लेकिन पार्षदों का आरोप है कि विभिन्न इलाकों में शहरवासियों से मनमानी शुल्क वसूला जा रहा है। कंपनी के नाम पर फर्जी पर्चियां बनाकर लाेगों से पैसे वसूले जा रहे हैं। करीब तीन साल में कंपनी शहर को साफ सुथरा बनाने में भी सफल नहीं हुई। बंधवाड़ी में अभी तक बिजली संयंत्र तक नहीं लग पाया।
- हमारा पूरा सदन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहरलाल के साथ है। हम भी चीनी कंपनियों के खिलाफ हैं। राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सभी पार्षदों के साथ बैठ कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार से मांग करेंगे।-सुमन बाला, मेयर नगर निगम, फरीदाबाद
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